जब सब कुछ महंगा हो जाता है, पर कुछ ज़िंदगियां नहीं

जब सब कुछ महंगा हो जाता है, पर कुछ ज़िंदगियां नहीं

Sale price  Rs. 49.00 Regular price  Rs. 399.00
Skip to product information
जब सब कुछ महंगा हो जाता है, पर कुछ ज़िंदगियां नहीं
Sale price  Rs. 49.00 Regular price  Rs. 399.00
Payment methods

    जब सब कुछ महंगा हो जाता है, पर कुछ ज़िंदगियां नहीं एक सच्चाई से भरी किताब है जो समाज के उस पहलू को दिखाती है जहाँ इंसानी ज़िंदगी की कीमत सबसे कम हो जाती है। यह ebook मेहनत, गरीबी, संघर्ष, बेरोज़गारी और उस सिस्टम की बात करती है जहाँ सब कुछ महंगा है—सपने भी—लेकिन कुछ लोगों की ज़िंदगी अब भी सस्ती समझी जाती है।

    यह किताब उन आवाज़ों की कहानी है जो अक्सर सुनी नहीं जातीं। हर पन्ना एक सच्चा सवाल है, और हर शब्द एक आईना—जो हमें हमारे समाज की असली तस्वीर दिखाता है।

    By: Digital Bookish Original
    Available on: Freadio

    You may also like