खामोशी के लफ्ज़: 109 गहरी शायरियाँ जो कह नहीं पाए, वो लिख दी

खामोशी के लफ्ज़: 109 गहरी शायरियाँ जो कह नहीं पाए, वो लिख दी

Sale price  Rs. 29.00 Regular price  Rs. 449.00
Skip to product information
खामोशी के लफ्ज़: 109 गहरी शायरियाँ जो कह नहीं पाए, वो लिख दी
Sale price  Rs. 29.00 Regular price  Rs. 449.00
Payment methods

    ख़ामोशी के लफ़्ज़

    109 गहरी शायरियाँ

    “जो कह नहीं पाए, वो लिख दी”
    By Sonu Kumar
    Hindi Shayari | Digital Bookish Original
    Available on Freadio

    कुछ एहसास शब्दों में नहीं उतरते,
    और कुछ शब्द… ख़ामोशी में जन्म लेते हैं

    ख़ामोशी के लफ़्ज़ एक भावनात्मक शायरी संग्रह है, जिसमें 109 गहरी, सच्ची और दिल को छू जाने वाली शायरियाँ शामिल हैं। यह किताब उन जज़्बातों की आवाज़ है जो हम महसूस तो करते हैं, लेकिन कह नहीं पाते।

    हर शायरी किसी न किसी टूटे पल, अधूरी मोहब्बत, तन्हाई, यादों और भीतर की ख़ामोशी को बयान करती है — बिना शोर के, बिना दिखावे के।

    🕯️ इस किताब में आपको मिलेगा:

    • मोहब्बत और जुदाई की सच्ची शायरियाँ

    • तन्हाई, ख़ामोशी और यादों के लफ़्ज़

    • दिल से निकली, सरल लेकिन गहरी पंक्तियाँ

    • हर उस इंसान के लिए जो कम बोलता है, ज़्यादा महसूस करता है

    यह किताब उनके लिए है:

    • जो रातों में ज़्यादा सोचते हैं

    • जो ख़ामोशी में अपनी कहानी ढूंढते हैं

    • जो शायरी को महसूस करते हैं, सिर्फ़ पढ़ते नहीं

    🌙 जब शब्द थम जाएँ, तब ख़ामोशी बोलती है।
    📖 सिर्फ़ Freadio पर उपलब्ध।

    You may also like