जब राजनीति अपराध बन जाए
देश, लोकतंत्र और शक्ति की अंदरूनी कहानी
By Sonu Kumar | Abusoyet Sek
Hindi Non-Fiction | Digital Bookish Original
Available on Freadio
जब सत्ता सवालों से भागने लगे,
और आवाज़ उठाना अपराध समझा जाने लगे —
तब राजनीति सिर्फ़ राजनीति नहीं रहती।
जब राजनीति अपराध बन जाए एक विचारोत्तेजक किताब है जो लोकतंत्र, सत्ता, क़ानून और जनता के रिश्ते को गहराई से समझाती है। यह किताब किसी नेता या पार्टी पर उंगली नहीं उठाती, बल्कि उस सिस्टम को सामने लाती है जहाँ राजनीति और अपराध की रेखा धुंधली हो जाती है।
यह किताब बताती है कि कैसे डर, ताक़त, प्रचार और चुप्पी का इस्तेमाल करके जनता को प्रभावित किया जाता है — और कैसे लोकतंत्र भीतर से कमजोर होता चला जाता है।
⚖️ इस किताब में आप समझेंगे:
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राजनीति और अपराध के बीच की खतरनाक दूरी
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सत्ता और क़ानून का आपसी टकराव
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लोकतंत्र में जनता की असली भूमिका
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डर, नियंत्रण और चुप्पी की राजनीति
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सवाल पूछने की कीमत और उसकी ज़रूरत
सरल भाषा और गहरे विश्लेषण के साथ लिखी गई यह किताब उन पाठकों के लिए है जो
राजनीति को समझना चाहते हैं, बिना किसी एजेंडे के।
यह किताब आपको राय नहीं देती —
यह आपको सोचने की वजह देती है।
🇮🇳 लोकतंत्र तभी मज़बूत रहता है, जब सवाल ज़िंदा रहते हैं।
📖 सिर्फ़ Freadio पर उपलब्ध।